माननीय मंतà¥à¤°à¥€, कृषि विà¤à¤¾à¤—, बिहार डाॅ॰ पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤®à¤¾à¤° ने कहा कि पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•à¥€ तंतà¥à¤° को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने à¤à¤µà¤‚ वातावरण की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•à¤¤à¤¾ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ मे रखकर बिहार सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समेकित कीट पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® अपनाया गया है, ताकि कृषि उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ के साथ-साथ कृषि उपज की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ संरकà¥à¤·à¤£ आदि में सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सके। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि फसल सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त राजà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• जिला में खरीफ à¤à¤µà¤‚ रबी फसलों में 4-4 अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ कà¥à¤² 304 कृषक पà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पाठशाला चलाया जा रहा है à¤à¤µà¤‚ टाल विकास योजना अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त राजà¥à¤¯ के 6 जिलों के टाल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में दलहनी फसलों पर 29 पà¥à¤°à¤–णà¥à¤¡à¥‹à¤‚ में 4-4 यानि कà¥à¤² 116 कृषक पà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पाठशाला चलाया जा रहा है।
माननीय मंतà¥à¤°à¥€ ने कहा कि फसल की बà¥à¤†à¤ˆ से लेकर कटाई तक संचालित किठगठनियमित सतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से कृषकों का समूह फसल की पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•à¥€ को देखता है तथा उसकी गतिशीलता के बारे मंे चरà¥à¤šà¤¾ करता है। किसान पाठशाला à¤à¤¸à¥‡ नवाचार किसानांे के खेतों में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किये जाते हैं, जो वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और संधारणीय कृषि के माधà¥à¤¯à¤® से अपने खेतों में उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•à¤¤à¤¾ और लाठमें वासà¥à¤¤à¤µ मंें वृदà¥à¤§à¤¿ कर रहे हैं। किसान पाठशाला जà¥à¤žà¤¾à¤¨-पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन के लिठà¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ उपकरण है। यह à¤à¤• वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• विसà¥à¤¤à¤¾à¤° उपकरण है तथा कृषक-से-कृषक के शिकà¥à¤·à¤£ को सà¥à¤²à¤ बनाता है। यह वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और कृषकों की पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच बà¥à¤¤à¥‡ हà¥à¤ अंतर को à¤à¥€ कम करता है। फारà¥à¤® सà¥à¤•à¥‚ल उपलबà¥à¤§à¤¿ हासिल करने वाले कृषकों की तकनीकियों à¤à¤µà¤‚ नवाचारों का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°-पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° फारà¥à¤®à¤° फिलà¥à¤¡ सà¥à¤•à¥‚ल की समान पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का अनà¥à¤ªà¤¾à¤²à¤¨ करते हà¥à¤ किया जाता है। यहाठसहयोगकरà¥à¤¤à¤¾ अथवा शिकà¥à¤·à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाला किसान होगा तथा उसके फारà¥à¤® में उपयà¥à¤•à¥à¤¤ तकनीकियों/पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकियों का पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° किया जाता है।
डाॅ॰ कà¥à¤®à¤¾à¤° ने कहा कि कृषि की आधà¥à¤¨à¤¿à¤•à¤¤à¤® तकनीक को किसानांे तक पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ के लिठ‘‘करके सीखो’’ के साथ देखकर à¤à¤µà¤‚ ऊपज पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करें, फारà¥à¤® सà¥à¤•à¥‚ल का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त है। यह खेत-खलिहानों में संचालित होने वाला à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ अनौपचारिक सà¥à¤•à¥‚ल है, जहाठसीखने à¤à¤µà¤‚ सीखाने वाले सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पà¥à¤°à¤—तिशील किसान ही होते हैं। फारà¥à¤® विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• पà¥à¤°à¤—तिशील किसान/पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° कारà¥à¤¯à¤•à¤°à¥à¤¤à¤¾, वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•/विशेषजà¥à¤ž हो सकते हैं, जो सरकारी अथवा गैर सरकारी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से संबंधित हो। फारà¥à¤® विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारà¥à¤¯à¤•à¤²à¤¾à¤ªà¤¾à¤‚े में से à¤à¤• या अधिक फसलों में अथवा समà¥à¤¬à¤¦à¥à¤§ पà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में अगà¥à¤°à¤ªà¤‚कà¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤£ संचालित करना है। à¤à¤• फसल मौसम में फसल की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिक अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं के लिठ14 सतà¥à¤° (ककà¥à¤·à¤¾) आयोजित की जाती है। फारà¥à¤® विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में 30 की संखà¥à¤¯à¤¾ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गाà¤à¤µà¥‹à¤‚ के कृषक विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ के रूप में अथवा समूह के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•à¥ƒà¤¤ सदसà¥à¤¯ रूप में à¤à¤¾à¤— लेंगे।